भारतीय शुरुआती खिलौने जीवन

कंडोम क्या है? जानकारी भी शुरुआती समझ सकते हैं| भारत में कंडोम प्रयोग में लेने की दर।

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मैं कंडोम को सिखूँगा जो हर किसी को आसानी से समझ में नहीं आता है।

मैं कंडोम को सिखूँगा जो हर किसी को आसानी से समझ में नहीं आता है।

बढ़ती आबादी आज सभी देशो के बहुत बड़ी समस्या है,कुछ लोग नहीं चाहते हुए भी समस्या को नहीं रोक पाते और दो बच्चे में निर्धारित बिच के अंतर को नहीं निभा पाते है जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा रहता है और शरीर का पूरा पालन नहीं हो पता है ,और कुपोषण के शिकार हो जाते है । इन सब समस्या को ध्यान में रखते हुए गर्भनिरोधक कंडोम बहुत ही लाभकारी है। कंडोम न केवल गर्भधारण में लाभ करता है बल्कि ये असुरक्षित योन सम्बन्ध में भी लाभकारी है जिनसे एचआईवी ,एड्स,तथा योन संक्रमण के बचाव में भी लाभकारी है। कंडोम योन संक्रमण(एसटीडी) के विरुद्ध रक्षा करता है। यह किसी भी उम्र का व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है, इसका प्रयोग करना बहुत ही सरल और सुरक्षित है|एड्स, व गुप्त रोग जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा नहीं रहता है।इसके प्रयोग से आनंद में मामूली सा फर्क ही आता है|कंडोम कई प्रकार के फ्लेवर और डिजाईन में भी कंपनिया बनाने लगी है जिससे व्यक्ति को अधिक आनंद की अनुभूति हो।कंडोम के जरिये अनचाहे गर्भ से भी बचा जा सकता है और बिना डर के कितनी बार भी शारीरिक सुख प्राप्त कर सकते है|

कंडोम को सेक्स खिलोनो जैसे बीडीएसएम खिलौना, लिंग खिलौना ,हस्तमैथुन खिलौना ,डोंग खिलौना इत्यादि पे पहनकर सेक्स करने से और ज्यादा और सुरक्षित सेक्स का आनंद ले सकते है ।

कंडोम किस तरह का है?

कंडोम किस तरह का है?

कंडोम रबड़,पलास्टिक आदि के बने पाउच होते है, जो सेक्स के दौरान लिंग में पहने जाते है,ये लिंग को कवर कर वीर्य को जमा करते है।और योनि में वीर्य को जाने से रोकते है। ऐसे गर्भधारण होने से बचाव होता है।इसके प्रयोग से किसी भी प्रकार की हानी होने का खतरा लगभग न के बराबर है|

यह किसी भी उम्र का व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है,इसका प्रयोग करना बहुत ही सरल और सुरक्षित है,एड्स, व गुप्त रोग जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा नहीं रहता है।इसके प्रयोग से आनंद में मामूली सा फर्क ही आता है| कंडोम कई प्रकार के फ्लेवर और डिजाईन में भी कंपनिया बनाने लगी है जिससे व्यक्ति को अधिक आनंद की अनुभूति हो!।कंडोम के जरिये अनचाहे गर्भ से भी बचा जा सकता है और बिना डर के कितनी बार भी शारीरिक सुख प्राप्त कर सकते है| कंडोम कई प्रकार के बाजार में उपलब्ध है बड़ा छोटा, पतला,मोटा,लिंग के आकर के कुछ कंडोम ज्यादा चिकनाई होती हे कुछ में कम होती हे पुरुष और महिलाओ को जिसे संतुष्टि मिले वो इसका उपयोग कर सकते हे ज्यादा चिकनाई वाले कॉन्डम का उपयोग उन महिलाओ के फायदे के सही रहता जिन्हे सम्बंद बनाते समय पीड़ा होती हे कॉन्डम में चिकनाई की वजह से लिंग को आसानी से योनि में जाने से मदद करता हे,इसे महिलाओ को अधीक पीड़ा नहीं होती हे और उन्हें गर्भधारण नहीं होता और आराम से अपने साथी के साथ सेक्स का आनंद ले सकती हे। कंडोम रबड़ प्लस्टिक आदि के बने पाउच होते है, जो सेक्स के दौरान लिंग में पहने जाते है, ये लिंग को कवर कर वीर्य को जमा करते है।और योनि में वीर्य को जाने से रोकते है। ऐसे गर्भधारण होने से बचाव होता है।इसके प्रयोग से किसी भी प्रकार की हानी होने का खतरा लगभग न के बराबर है|

यह किसी भी उम्र का व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है,इसका प्रयोग करना बहुत ही सरल और सुरक्षित है,एड्स, व गुप्त रोग जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा नहीं रहता है।इसके प्रयोग से आनंद में मामूली सा फर्क ही आता है! कंडोम कई प्रकार के फ्लेवर और डिजाईन में भी कंपनिया बनाने लगी है।कंडोम के जरिये अनचाहे गर्भ से भी बचा जा सकता है और बिना डर के कितनी बार भी शारीरिक सुख प्राप्त कर सकते है|कंडोम कई प्रकार के बाजार में उपलब्ध है बड़ा छोटा, पतला,मोटा,लिंग के आकर के कुछ कंडोम ज्यादा चिकनाई होती हे कुछ में कम होती हे पुरुष और महिलाओ को जिसे संतुष्टि मिले वो इसका उपयोग कर सकते हे ज्यादा चिकनाई वाले कॉन्डम का उपयोग उन महिलाओ के फायदे के सही रहता जिन्हे सम्बंद बनाते समय पीड़ा होती हे, कॉन्डम में चिकनाई की वजह से लिंग को आसानी से योनि में जाने से मदद करता हे इसे महिलाओ को अधीक पीड़ा नहीं होती हे और उन्हें गर्भधारण नहीं होता और आराम से अपने साथी के साथ सेक्स का आनंद ले सकती हे। बहुत प्रकार के होते हे बाजार में अलग अलग फलेवर के कॉन्डम उपलब्द हे जैसे,चॉकलेट,स्ट्रॉबेर्री,बनाना,बबल गम,वेनीला,कॉफी आदि कई प्रकार के मिलते हे।कंडोम कई प्रकार के होते हे बड़े छोटे पतले लिंग के आकर के कुछ कॉन्डम में ज्यादा चिकनाई होती हे कुछ में कम ,कुछ कंडोम सिंपल होते है कुछ कंडोम में धारिया होती हे जिसे महिलायो को आनंद आता है।कुछ कंडोम में रबड़ के द्दाने होते हे जो में जाकर वाइब्रेशन का कार्य करता इसके कम्पन से महिलाये उत्तेजित होती हे।और वो सेक्स का भरपूर आनंद लेती है।पुरुष को जिस भी फलेवर कंडोम से संतुष्टि हो और वो अपनी पसंद का कंडोम ले सकता है। आज कल तो महिलाये अपनी पसंद फलेवर कंडोम का उपयोग करवाती है कुछ कंडोम रबड़ के छोटे छोटे डॉट डॉट होते है जो महिलाओं की योनि में रगड़ का काम करता है,जिससे योनि में घर्षण पैदा होता है योनि के भगशिशन में रगड़ करता हे जिसे महिलाये और उत्तेजित होती है औरउन्हें सेक्स करने में आनद आता है। कंडोम को सेक्स खिलोनो पे पहनकर जैसे गुदा खिलौना ,कम्पन खिलौना गुदा मैथुन का आनंद लिया जा सकता है ।

आप के अनुकूल कंडोम खोजें

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कंडोम बहुत प्रकार के होते हे बाजार में अलग अलग फलेवर के कंडोम उपलब्द हे जैसे चॉकलेट,स्ट्रॉबेर्री,बनाना,बबल गम,वेनीला, कॉफी आदि कई प्रकार के मिलते हे।कंडोम कई प्रकार के होते हे बड़े छोटे पतले लिंग के आकर के कुछ कॉन्डम में ज्यादा चिकनाई होती हे कुछ में कम ,कुछ कंडोम सिंपल होते है कुछ कंडोम में धारिया होती हे जिसे महिलायो को आनंद आता है । कुछ कंडोम में रबड़ के द्दाने होते हे जो में जाकर वाइब्रेशन का कार्य करता इसके कम्पन से महिलाये उत्तेजित होती हे।और वो सेक्स का भरपूर आनंद लेती है ।पुरुष को जिस भी फलेवर कंडोम से संतुष्टि हो और वो अपनी पसंद का कंडोम ले सकता है। आज कल तो महिलाये अपनी पसंद फलेवर कंडोम का उपयोग करवाती है,कुछ कंडोम रबड़ के छोटे छोटे डॉट डॉट होते है जो महिलाओं की योनि में रगड़ का काम करता है,जिससे योनि में घर्षण पैदा होता है योनि के भगशिशन में रगड़ करता हे जिसे महिलाये और उत्तेजित होती है और उन्हें सेक्स करने में आनद आता है।

भारत में कंडोम का उपयोग करने के लिए दर

भारत में कंडोम का उपयोग करने के लिए दर

भारत में भी कंडोम का इस्तेमाल काफी होता है।परन्तु भारतीय लोग शर्मीले किस्म के होते है। वे कंडोम को खरीदते समय शर्मिंदगी मह्सुश करते है। फिर भी लोग कंडोम का इस्तेमाल काफी करते है। कंडोम या निरोध ।हालांकि यह भारत में कंडोम का एक ब्रांड है पर अधिकतर लोग इसे कंडोम के हिन्दी पर्याय के रूप में जानते है, एक पुरुष गर्भनिरोधक है, यह एक रबड़ से बनी छोटी टोपी के आकार का साधन हैं, पुरुष सहवास से पहले इसे अपने स्तंभित लिंग पर चढ़ाते है। कंडोम एक गर्भनिरोधक होने के साथ साथ यौन संचारित रोगों जैसे एच आई वी, एड्स से सुरक्षा प्रदान करने का काम भी करता है। पुरुषों का कंडोम लेटेक्स (सामान्य भाषा में "रबड़") या पॉलीयुरीथेन से बना होता है। यह आमतौर पर एक प्लास्टिक की थैली में लिपटे होते है। भारत में एक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 से 24 साल के बीच की सेक्शुअली ऐक्टिव अविवाहित लड़कियां कंडोम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती हैं|सर्वे के मुताबिक 8 में से 3 पुरुष आज भी ये मानते हैं कि गर्भनिरोध महिलाओं की जिम्मेदारी है और इससे पुरुषों का कोई लेना देना नहीं है|

कंडोम (गर्भनिरोधकों) का इस्तेमाल करने की लिस्ट में 76 प्रतिशत के साथ पंजाब पहले नंबर पर है| सर्वे में यह भी पता चला कि देशभर में आधुनिक गर्भनिरोध के तरीकों का इस्तेमाल करने के मामले में 65 प्रतिशत के साथ सिख और बौद्ध धर्म की महिलाएं सबसे आगे हैं जबकि मुस्लिम महिलाओं का प्रतिशत सिर्फ 38 है| नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में 6 लाख 1 हजार 509 घरों से साक्षात्कार किया था जिसमें लोगों की प्रतिक्रिया दर 98 प्रतिशत थी|